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लिथुआनिया अमेरिकी सैन्य अड्डे की स्थापना के लिए खर्च उठाने को तैयार
लिथुआनिया के प्रधानमंत्री मिंडॉगस सिंकेविचस ने देश में अमेरिकी स्थायी सैन्य अड्डे की स्थापना के लिए वित्त पोषण करने की इच्छा व्यक्त की है। लिथुआनिया 2019 से अमेरिकी बटालियन की मेजबानी कर रहा है और दीर्घकालीन सैन्य उपस्थिति चाहता है।
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बाल्टिक क्षेत्र में सुरक्षा को मजबूत करने की रणनीति के तहत लिथुआनिया के प्रधानमंत्री मिंडॉगस सिंकेविचस ने घोषणा की है कि उनका देश अमेरिकी सेना का एक स्थायी अड्डा स्थापित करने की लागत वहन करने को तैयार है। इस कदम से लिथुआनिया की रणनीतिक महत्वाकांक्षा स्पष्ट होती है कि वह क्षेत्रीय सुरक्षा में अमेरिकी उपस्थिति को गहरा करना चाहता है।
वर्ष 2019 से लिथुआनिया अमेरिकी सेना की एक घूर्णनशील बटालियन की मेजबानी कर रहा है। हालांकि, लिथुआनिया की सरकार एक दीर्घकालीन और स्थायी सैन्य उपस्थिति स्थापित करना चाहती है। इसी संदर्भ में सिंकेविचस की घोषणा आती है, जिससे दोनों देशों के बीच सैन्य सहयोग में एक नई गति आने की उम्मीद है।
इसी बीच लिथुआनिया की संसद परमाणु हथियारों पर संवैधानिक प्रतिबंध को हटाने पर विचार कर रही है। यह निर्णय रूस की ओर से कड़ी आलोचना का सामना कर रहा है, जिसका तर्क है कि इस तरह के कदम से क्षेत्रीय तनाव बढ़ेगा। रूस का मानना है कि ऐसे कदम बाल्टिक क्षेत्र में सुरक्षा परिस्थितियों को और जटिल बना सकते हैं।
लिथुआनिया की ये कार्रवाइयां पूर्वी यूरोप में बढ़ती भू-राजनीतिक जटिलताओं को दर्शाती हैं। बाल्टिक राज्य अपनी सुरक्षा को सुदृढ़ करने के लिए नाटो और अमेरिका के साथ गहन सहयोग की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।