Politics · India Bureau
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला ने ब्रिक्स संसदों से संवाद को मूर्त परिणामों में बदलने का आह्वान किया
ब्रिक्स संसदीय मंच का दो दिवसीय सम्मेलन भू-राजनीतिक और आर्थिक अनिश्चितता के बीच लचीलापन, नवाचार, सहयोग और स्थायित्व पर केंद्रित है।
LSN India ·

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला ने ब्रिक्स देशों की संसदों से आह्वान किया है कि वे आपसी संवाद को ठोस और व्यावहारिक परिणामों में रूपांतरित करें। उन्होंने कहा कि वर्तमान भू-राजनीतिक और आर्थिक चुनौतियों का सामना करने के लिए संसदीय सहयोग अत्यंत महत्वपूर्ण है।
ब्रिक्स संसदों का यह दो दिवसीय मंच समसामयिक वैश्विक मुद्दों पर गहन विचार-विमर्श के लिए आयोजित किया गया है। इस सम्मेलन में लचीलापन, नवाचार, पारस्परिक सहयोग और सतत विकास जैसे महत्वपूर्ण विषय प्रमुख रूप से शामिल हैं। ये क्षेत्र ब्रिक्स देशों के साझा हितों को दर्शाते हैं।
अध्यक्ष बिड़ला ने जोर दिया कि संसदीय मंचों को केवल विचार-विमर्श तक सीमित नहीं रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि इन चर्चाओं को नीति निर्माण और व्यावहारिक कार्यान्वयन में परिणत होना चाहिए। ब्रिक्स देशों के बीच बढ़ता सहयोग क्षेत्रीय स्थिरता और आर्थिक विकास के लिए महत्वपूर्ण है।
वर्तमान संदर्भ में जब विश्व अनिश्चितता और चुनौतियों का सामना कर रहा है, ब्रिक्स देशों की संसदें एक सशक्त मंच प्रदान करती हैं। यह मंच विविध दृष्टिकोणों को साझा करने और आम समस्याओं के समाधान खोजने के लिए एक मजबूत आधार तैयार करता है। ब्रिक्स के संसदीय सहयोग से आने वाले समय में और अधिक ठोस परिणाम प्राप्त होने की संभावना है।