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लोकायुक्त अदालत ने अनुपातहीन संपत्ति रखने के लिए वन अधिकारी को दिया तीन साल का कारावास
लोकायुक्त न्यायालय ने एक वन संरक्षण अधिकारी को भारी मात्रा में अनुपातहीन संपत्ति जमा करने के लिए दोषी ठहराया है। जांच में पाया गया कि अभियुक्त के पास 1 करोड़ 35 लाख रुपये से अधिक की गैरकानूनी संपत्ति थी।
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लोकायुक्त न्यायालय ने एक वरिष्ठ वन अधिकारी को भारी मात्रा में अनुपातहीन संपत्ति के आरोप में तीन साल की कैद की सजा सुनाई है। न्यायिक जांच के दौरान यह स्थापित किया गया कि अभियुक्त ने अपनी वैध आय से कहीं अधिक मूल्य की संपत्ति जमा की थी।
अदालत द्वारा संचालित विस्तृत जांच से पता चला कि अधिकारी के पास कुल 1,35,29,714.37 रुपये की अनुपातहीन संपत्ति थी। यह राशि उसकी सरकारी नौकरी से प्राप्त वेतन और अन्य वैध आय से काफी अधिक थी।
यह मामला भारत में सार्वजनिक कर्मचारियों में भ्रष्टाचार के विरुद्ध लोकायुक्त संस्था की सतत कार्रवाई का हिस्सा है। लोकायुक्त विभाग सरकारी कर्मचारियों द्वारा अपनी आय के अनुपात में असामान्य संपत्ति जमा करने की जांच करता है।
यह निर्णय भारत में स्वचालन और भ्रष्टाचार निरोधक कानूनों के तहत सार्वजनिक प्राधिकरणों की जवाबदेही सुनिश्चित करने की न्यायपालिका की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।