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न्यूयॉर्क कलाकार की क्लिओपेट्रा मूर्ति 100 साल बाद मिली, घोड़े की कब्र बनी थी
एडमोनिया लुईस द्वारा 1876 में बनाई गई प्रसिद्ध कलाकृति 'द डेथ ऑफ क्लिओपेट्रा' दशकों तक लापता रहने के बाद एक अप्रत्याशित स्थान पर मिली। मिश्रित जातीयता वाली इस अग्रणी कलाकार को भेदभाव का सामना करना पड़ा था।
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एडमोनिया लुईस, जो अपने समय की एक महत्वपूर्ण कलाकार थीं, ने 1876 में 'द डेथ ऑफ क्लिओपेट्रा' नामक एक प्रभावशाली मूर्तिकला का निर्माण किया था। इस कृति को शुरुआत में काफी सराहना मिली और इसे कलात्मक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना गया।
हालांकि, समय के साथ यह मूर्तिकला गायब हो गई और दीर्घ काल तक इसका कोई पता नहीं चला। करीब एक सदी बाद, इस अमूल्य कलाकृति की खोज एक बिल्कुल अलग परिस्थिति में हुई - यह एक घोड़े की कब्र के पास मिली, जहां इसे पूरी तरह भुला दिया गया था।
लुईस को अपने जीवनकाल में व्यवस्थागत भेदभाव का सामना करना पड़ा। भारतीय और अफ्रीकी-अमेरिकी मूल की इस कलाकार को अमेरिका में अपनी पूरी प्रतिभा विकसित करने का मौका नहीं मिला। इसी कारण लुईस को बेहतर कलात्मक संभावनाओं की तलाश में रोम जाना पड़ा, जहां उन्होंने अपना सबसे महत्वपूर्ण काम किया।
यह खोज न केवल एक खोई हुई कलाकृति की पुनरुद्धार है, बल्कि लुईस जैसी प्रतिभाशाली कलाकारों के योगदान को स्वीकार करने का भी एक अवसर है, जिनका काम दशकों तक भूले हुए राहे पर पड़ा रहा।