World · India Bureau
कोरिया विभाजन रेखा पर लाउडस्पीकर प्रचार का अनोखा युद्ध
उत्तर और दक्षिण कोरिया के बीच दशकों पुरानी शत्रुता का एक विलक्षण पहलू है सीमावर्ती इलाकों में विशाल लाउडस्पीकर सिस्टम के जरिए सूचना और संदेश प्रसारण। दोनों देशों की सेनाएं इस अनूठे माध्यम का उपयोग आपस में मनोबल तोड़ने और जनता को प्रभावित करने के लिए करती हैं।
LSN India ·

कोरियाई प्रायद्वीप पर उत्तर और दक्षिण के बीच तनाव का इतिहास काफी पुराना है। इस लंबे विवाद में दोनों पक्ष परंपरागत सैन्य तैयारियों के साथ-साथ सूचना प्रसार को भी एक महत्वपूर्ण साधन मानते हैं। सीमावर्ती क्षेत्रों में स्थापित किए गए शक्तिशाली लाउडस्पीकर सिस्टम इसी रणनीति का हिस्सा हैं।
ये लाउडस्पीकर दोनों देशों के बीच सीमा के पास रणनीतिक स्थानों पर लगाए गए हैं। दक्षिण कोरियाई सेना इनके माध्यम से विभिन्न संदेश, समाचार और सूचनाएं प्रसारित करती है। इसी तरह उत्तर कोरिया भी अपनी ओर से समान तरीके का इस्तेमाल करता है। यह अभ्यास सीमावर्ती आबादी को प्रभावित करने और मनोवैज्ञानिक दबाव डालने का एक तरीका माना जाता है।
वर्षों से चली आ रही इस प्रणाली में संगीत, राजनीतिक संदेश, आर्थिक जानकारी और सांस्कृतिक कार्यक्रम शामिल होते हैं। शीत युद्ध के दौर में यह अभ्यास और अधिक व्यापक हो गया था। समय-समय पर दोनों देश इन प्रसारणों को बंद करने या पुनः शुरू करने का फैसला लेते हैं, जो राजनीतिक तनाव के स्तर को दर्शाता है।
सीमा पर इस अनोखे संघर्ष को विश्लेषकों ने आधुनिक मनोवैज्ञानिक युद्ध का उदाहरण माना है। यह प्रणाली सामरिक संवाद का एक असामान्य माध्यम बनी हुई है और कोरियाई विभाजन के गहरे संघर्ष को रेखांकित करती है।