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सऊदी की एयर डिफेंस व्यवस्था हूतियों के सस्ते ड्रोन से जूझ रही है
यमन से संचालित ईरान समर्थक हूती विद्रोहियों के सस्ते ड्रोन और मिसाइलें सऊदी अरब की अमेरिकी तकनीकी एयर डिफेंस सिस्टम को चुनौती दे रही हैं। रियाद और जेद्दा जैसे प्रमुख शहरों के साथ महत्वपूर्ण सैन्य ठिकाने और बुनियादी ढांचा लगातार हमले का खतरा झेल रहे हैं।
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सऊदी अरब के सशस्त्र बलों के पास पेट्रियट और थैड जैसी अत्याधुनिक प्रणालियों सहित शक्तिशाली वायु रक्षा व्यवस्था है, फिर भी हूती विद्रोही समूह इन सुरक्षा कवचों को भेदने में बार-बार सफल रहे हैं। यमन की सीमा से सैकड़ों किलोमीटर की दूरी पर स्थित राजकीय राजधानी रियाद, बंदरगाह शहर जेद्दा और अन्य कई रणनीतिक स्थान इन हमलों की जद में आ चुके हैं।
हूती विद्रोहियों द्वारा संचालित ड्रोन और क्रूज मिसाइलें अपनी निम्न लागत और संचालन की सरलता के कारण प्रभावी साबित हो रही हैं। इन अस्त्रों की बेड़ियों को लॉन्च करने के पीछे ईरान का समर्थन माना जा रहा है, जो क्षेत्रीय राजनीतिक तनावों को बढ़ा रहा है।
सऊदी वायु रक्षा में आई खामियां अमेरिकी सैन्य विशेषज्ञों के लिए भी चिंता का विषय बन गई हैं। लागत प्रभावी हमले के औजारों के विरुद्ध अरबों डॉलर की रक्षा प्रणालियों की प्रभावशीलता पर सवाल खड़े हो गए हैं।
इन हमलों के परिणामस्वरूप सऊदी अरब को अपनी वायु रक्षा रणनीति में सुधार के लिए अतिरिक्त निवेश करना पड़ रहा है। क्षेत्र में जारी संघर्ष के बीच नागरिक और सैन्य बुनियादी ढांचे की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता बन गई है।