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कम सोडियम नमक से बीपी नियंत्रण में मदद, लाखों जीवन बच सकते हैं
भारत में सामान्य टेबल नमक के स्थान पर कम सोडियम वाले नमक का उपयोग करने से प्रतिवर्ष लाखों मौतें और गंभीर हृदय रोगों के मामले कम हो सकते हैं। हाल के शोध में यह महत्वपूर्ण निष्कर्ष सामने आया है।
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भारत में स्वास्थ्य विशेषज्ञों द्वारा किए गए एक व्यापक शोध से पता चला है कि दैनिक आहार में कम सोडियम वाले नमक का प्रयोग उच्च रक्तचाप जैसी गंभीर समस्याओं को नियंत्रित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। अध्ययन के अनुसार, यदि देश भर में नियमित टेबल नमक को कम सोडियम नमक से बदल दिया जाए, तो स्वास्थ्य संकेतकों में उल्लेखनीय सुधार देखा जा सकता है।
शोध में पाया गया कि इस परिवर्तन से भारत में हर साल लगभग 4 लाख मृत्यु दर को कम किया जा सकता है। इसके अतिरिक्त, हृदय रोग और किडनी संबंधी नई बीमारियों के मामलों में 15 लाख से अधिक की कमी संभव है। ये आंकड़े भारत के जनस्वास्थ्य क्षेत्र में एक ऐतिहासिक परिवर्तन का संकेत देते हैं।
वर्तमान समय में भारतीय जनता अपने दैनिक भोजन में अत्यधिक मात्रा में सोडियम का सेवन करती है, जो उच्च रक्तचाप और संबंधित हृदय रोगों का प्रमुख कारण माना जाता है। स्वास्थ्य विশेषज्ञ कम सोडियम नमक को एक सुरक्षित और सस्ता विकल्प मानते हैं, जो आम जनता के लिए आसानी से सुलभ हो सकता है।
इस शोध के निष्कर्ष सार्वजनिक स्वास्थ्य नीति निर्माताओं के लिए महत्वपूर्ण हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि सरकार द्वारा यदि कम सोडियम नमक के उपयोग को प्रोत्साहित करने के लिए सूचना अभियान चलाए जाएं, तो भारत के स्वास्थ्य परिदृश्य में सकारात्मक बदलाव संभव है।