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चार साल में सस्ते मकानों की बिक्री 85 से घटकर 47 प्रतिशत रही, लक्जरी सेगमेंट नौ गुना बढ़ा
भारत के रियल एस्टेट बाजार में एक बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है जहां सस्ते आवासीय प्रकल्प की मांग गिरती जा रही है। पिछले चार वर्षों में डेढ़ करोड़ रुपये से कम कीमत वाले फ्लैटों की बिक्री में उल्लेखनीय गिरावट आई है।
LSN India ·

रियल एस्टेट विश्लेषण के अनुसार, पिछले चार साल में आवासीय संपत्ति बाजार में एक महत्वपूर्ण संरचनात्मक बदलाव आया है। डेढ़ करोड़ रुपये से कम कीमत वाले फ्लैटों की बिक्री में ड्रामाटिक गिरावट दर्ज की गई है, जो पहले कुल बिक्री का 85 प्रतिशत थी और अब घटकर 47 प्रतिशत रह गई है।
इसके विपरीत, लक्जरी रियल एस्टेट सेगमेंट में अभूतपूर्व वृद्धि देखी गई है। लक्जरी प्रकल्पों की बिक्री नौ गुना तक बढ़ी है, जो दर्शाता है कि उच्च-आय वर्ग की खरीदारी में तेजी आई है। यह प्रवृत्ति शहरी भारत में समृद्ध वर्ग की क्रय क्षमता और निवेश के रुझानों को दर्शाती है।
विश्लेषकों के अनुसार, यह बदलाव आर्थिक विकास, ब्याज दरों और उपभोक्ता वरीयताओं में परिवर्तन का परिणाम है। मध्यम आय वर्ग के लिए सस्ते आवास की उपलब्धता में कमी भी एक महत्वपूर्ण कारक है।
रियल एस्टेट विशेषज्ञ इस बदलाव को बाजार का ध्रुवीकरण मानते हैं, जहां सस्ते और लक्जरी सेगमेंट के बीच की खाई बढ़ रही है। यह रुझान राष्ट्रीय आवास नीति और किफायती आवास योजनाओं के लिए चुनौतियां प्रस्तुत कर रहा है।