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संगीत साधिका सुब्बुलक्ष्मी: जिनकी आवाज में नेहरू को दिखा राष्ट्र का गौरव

भारतीय शास्त्रीय संगीत की दिग्गज गायिका एम.एस. सुब्बुलक्ष्मी की प्रतिभा से महात्मा गांधी और जवाहरलाल नेहरू दोनों ही प्रभावित थे। नेहरू ने उनकी कला के लिए जो शब्द कहे थे, वे भारतीय संस्कृति के प्रति उनके सम्मान को दर्शाते हैं।

LSN India · 16 September 2026

संगीत साधिका सुब्बुलक्ष्मी: जिनकी आवाज में नेहरू को दिखा राष्ट्र का गौरव

मद्रास घराने की प्रसिद्ध कर्नाटक संगीतज्ञ एम.एस. सुब्बुलक्ष्मी केवल एक गायिका नहीं थीं, बल्कि भारतीय संस्कृति और परंपरा की जीवंत प्रतीक थीं। उनकी सुरीली और गहराई से भरी आवाज ने देश के सर्वोच्च नेतृत्व को मुग्ध किया। स्वतंत्रता संग्राम के दौरान और आजाद भारत के निर्माण के समय, सुब्बुलक्ष्मी की संगीत साधना को राष्ट्रीय गर्व का विषय माना जाता था।

जवाहरलाल नेहरू सुब्बुलक्ष्मी की कला से इतने प्रभावित थे कि उन्होंने कहा था कि उनके सामने वह एक साधारण प्रधानमंत्री प्रतीत होते हैं। यह टिप्पणी शास्त्रीय संगीत के प्रति नेहरू के सम्मान और सुब्बुलक्ष्मी की प्रतिभा की व्यापकता को दर्शाती है। महात्मा गांधी भी नियमित रूप से उनसे भजन सुनते थे और उन्हें अपने आध्यात्मिक जीवन का अभिन्न अंग मानते थे।

सुब्बुलक्ष्मी ने न केवल भारत में बल्कि विश्व मंच पर भारतीय संगीत का प्रतिनिधित्व किया। उनके संगीत के माध्यम से भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों का प्रसार हुआ। उन्नीसवीं और बीसवीं सदी की संधि पर जन्मी यह संगीत साधिका भारतीय कला और संस्कृति के लिए एक प्रेरणा बनी रहीं।