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मध्य प्रदेश में आदिवासी परिवारों के मकानों की ध्वस्तता पर मुख्यमंत्री नाराज
कोस्मी गांव में वन विभाग द्वारा अवैध कब्जे के आरोप में 12 आदिवासी परिवारों के घरों को तोड़ा गया। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इस कार्रवाई की आलोचना करते हुए कहा कि ये आदिवासी ही उनके वोटों के आधार पर मुख्यमंत्री बने हैं।
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मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कोस्मी गांव में आदिवासी परिवारों के मकानों की ध्वस्तता पर अपना आक्रोश व्यक्त किया है। अक्टूबर के दूसरे सप्ताह में वन विभाग ने अवैध कब्जे का कारण बताते हुए लगभग 12 आदिवासी परिवारों के घरों को गिराया था।
शिवराज ने इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि ये आदिवासी समुदाय ही उनके सरकार बनने का आधार है। उन्होंने इस कार्रवाई की कड़ी आलोचना की और यह संकेत दिया कि ऐसे कदमों से प्रशासन को सावधानी बरतनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने माना कि अवैध कब्जे की समस्या को संवेदनशीलता के साथ हल किया जाना चाहिए।
यह घटना तब सामने आई है जब राज्य सरकार ग्रामीण और आदिवासी हितों को लेकर अपनी प्रतिबद्धता को रेखांकित करने का प्रयास कर रही है। प्रशासनिक अधिकारियों को अब इसी क्षेत्र में की गई कार्रवाई की समीक्षा करने का निर्देश दिया गया है।
मध्य प्रदेश में आदिवासी आबादी काफी महत्वपूर्ण मतदाता वर्ग है। ऐसे में सरकारी एजेंसियों की कार्रवाई पर राजनीतिक स्तर पर गहरा असर पड़ता है।