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भ्रष्टाचार से लड़ने के लिए संपत्ति जब्ती अनिवार्य करें: मद्रास उच्च न्यायालय
मद्रास उच्च न्यायालय की मदुरै खंडपीठ ने भ्रष्ट तरीकों से अर्जित संपत्ति की जब्ती को अनिवार्य बनाने की मांग की है। न्यायालय ने भारतीय भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम में संशोधन के लिए सरकार से आग्रह किया है।
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मद्रास उच्च न्यायालय की मदुरै खंडपीठ ने भ्रष्टाचार के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई के लिए कानूनी ढांचे को मजबूत करने की आवश्यकता पर बल दिया है। न्यायालय का मानना है कि भ्रष्ट साधनों से अर्जित संपत्ति को जब्त करने की प्रक्रिया को भारतीय भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत अनिवार्य बनाया जाना चाहिए।
खंडपीठ ने अपने निर्देश में कहा है कि वर्तमान कानून में संपत्ति की जब्ती को वैकल्पिक सजा के रूप में देखा जाता है, जिससे भ्रष्ट अधिकारियों को अपनी अवैध संपत्ति को सुरक्षित रखने का मौका मिलता है। न्यायालय का तर्क है कि अनिवार्य जब्ती का प्रावधान भ्रष्टाचार को हतोत्साहित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
न्यायालय ने भारत सरकार से इस संबंध में विधान में संशोधन करने का आग्रह किया है ताकि भ्रष्टाचार की जड़ तक पहुंचा जा सके। खंडपीठ का विचार है कि केवल आर्थिक दंड ही नहीं, बल्कि संपत्ति की जब्ती भी एक प्रभावी निरोधक साधन हो सकती है।
यह निर्णय भारत में भ्रष्टाचार विरोधी प्रयासों को सशक्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर सरकार इस सुझाव को मानती है, तो यह भ्रष्ट अधिकारियों के लिए गैरकानूनी संपत्ति जमा करना अधिक जोखिम भरा बना देगा।