LSN News › India

Politics · India Bureau

मद्रास उच्च न्यायालय ने मंदिरों द्वारा हाथियों के क्रय पर लगी रोक हटाई

मद्रास उच्च न्यायालय की खंडपीठ ने तमिलनाडु के मंदिरों को हाथी खरीदने से रोकने वाले एकल न्यायाधीश के आदेश को रद्द कर दिया है। राज्य सरकार की अपील स्वीकार करते हुए न्यायालय ने फैसला सुनाया।

LSN India · 2 September 2026

मद्रास उच्च न्यायालय ने मंदिरों द्वारा हाथियों के क्रय पर लगी रोक हटाई

मद्रास उच्च न्यायालय की एक खंडपीठ ने सोमवार को तमिलनाडु के मंदिरों को हाथी खरीदने से रोकने वाले एकल न्यायाधीश के पिछले आदेश को निरस्त कर दिया है। मुख्य न्यायाधीश सुश्रुत अरविंद धर्माधिकारी और न्यायाधीश जी. अरुल मुरुगन की खंडपीठ ने राज्य सरकार की अपील पर सुनवाई करते हुए यह निर्णय दिया।

यह निर्णय पूर्व में दायर एकल न्यायाधीश के आदेश को चुनौती देते हुए तमिलनाडु सरकार द्वारा की गई अपील के बाद आया है। उस आदेश में मंदिरों को नए हाथी खरीदने पर प्रतिबंध लगाया गया था। खंडपीठ ने राज्य की ओर से प्रस्तुत तर्कों को स्वीकार करते हुए पिछले आदेश को वापस लिया।

यह निर्णय भारतीय परंपराओं और धार्मिक प्रथाओं से जुड़े एक संवेदनशील मुद्दे पर आया है। मंदिरों में हाथियों का उपयोग धार्मिक समारोहों और जुलूसों में किया जाता है। उच्च न्यायालय के इस फैसले से तमिलनाडु के प्राचीन मंदिरों को अपनी परंपराओं को जारी रखने का मार्ग प्रशस्त हो गया है।