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मद्रास हाई कोर्ट ने सीमांत करुवेलम उन्मूलन के लिए 185 करोड़ रुपये रिहा करने का आदेश दिया
न्यायमूर्तियों एन. सतीश कुमार और के. राजसेकर ने जिला खनिज संस्थान ट्रस्ट निधि से धन जारी करने का निर्देश दिया है। यह कदम आक्रामक प्रजाति के पेड़ों को हटाने के प्रयासों को तेज करने के लिए उठाया गया है।
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मद्रास उच्च न्यायालय ने सीमांत करुवेलम वृक्षों के उन्मूलन कार्यक्रम के लिए 185 करोड़ रुपये की राशि जारी करने का आदेश दिया है। न्यायमूर्ति एन. सतीश कुमार और के. राजसेकर की पीठ ने सभी जिला कलेक्टरों को जिला खनिज संस्थान ट्रस्ट निधि से यह राशि रिहा करने का निर्देश दिया है।
सीमांत करुवेलम एक आक्रामक वनस्पति प्रजाति है जो तमिलनाडु के वन क्षेत्रों में तेजी से फैल रही है। इस पेड़ की प्रजाति स्थानीय वनस्पति को विस्थापित कर रही है और पारिस्थितिकी तंत्र को नुकसान पहुंचा रही है। न्यायालय का यह निर्णय इन वृक्षों को नियंत्रित करने के राज्य के प्रयासों को महत्वपूर्ण वित्तीय सहायता प्रदान करता है।
खनिज संस्थान ट्रस्ट निधि का उपयोग करने के लिए कोर्ट की अनुमति इस उन्मूलन परियोजना को तेजी से आगे बढ़ाने में मदद करेगी। जिला स्तर पर कलेक्टरों को सौंपी गई जिम्मेदारी सुनिश्चित करती है कि निधि का सही तरीके से उपयोग हो।
यह आदेश पर्यावरण संरक्षण और वन प्रबंधन के क्षेत्र में न्यायपालिका की सक्रिय भूमिका को प्रदर्शित करता है। विशेषज्ञों का मानना है कि सीमांत करुवेलम की बढ़ती समस्या से निपटने के लिए दीर्घकालीन और संसाधन-गहन दृष्टिकोण की आवश्यकता है।