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मद्रास हाई कोर्ट ने एरोड कोर्ट को नौ आरोपियों की जमानत याचिकाओं पर विचार करने का निर्देश दिया

मद्रास उच्च न्यायालय ने एरोड जिले में अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति अधिनियम के तहत पंजीकृत मामले में नौ व्यक्तियों की जमानत याचिकाओं पर पुनः विचार करने का आदेश दिया है। न्यायाधीश जी.के. इलंथिराइयन ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 528 के तहत दाखिल याचिका पर यह निर्णय सुनाया।

LSN India · 18 October 2026

मद्रास हाई कोर्ट ने एरोड कोर्ट को नौ आरोपियों की जमानत याचिकाओं पर विचार करने का निर्देश दिया

मद्रास उच्च न्यायालय के न्यायाधीश जी.के. इलंथिराइयन ने एरोड जिले की अदालत को नौ आरोपियों की जमानत याचिकाओं को पुनः प्रक्रिया में लेने का निर्देश दिया है। ये आरोपी अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत दर्ज मामले में शामिल हैं।

उच्च न्यायालय का यह आदेश भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 528 के अंतर्गत दाखिल एक आपराधिक मूल याचिका पर पारित किया गया है। न्यायाधीश ने याचिकाकर्ताओं की दलीलों को सुनने के बाद यह निर्देश जारी किया है।

एरोड अदालत को अब इन नौ व्यक्तियों की जमानत याचिकाओं पर नियमानुसार विचार करना होगा। न्यायालय के अनुसार, प्रत्येक याचिका का व्यक्तिगत मूल्यांकन किया जाना चाहिए और कानूनी प्रावधानों के अनुरूप निर्णय लिया जाना चाहिए।

यह मामला अनुसूचित जाति और जनजाति के सदस्यों के खिलाफ किए गए कथित अत्याचार से संबंधित है। उच्च न्यायालय के इस आदेश से न्यायिक प्रक्रिया में तेजी आने की संभावना है।