Politics · India Bureau
निजी स्कूल घोटाले में अरसकुमार की गुंडा एक्ट के तहत नजरबंदी रद्द
मद्रास हाई कोर्ट ने 100 करोड़ रुपये के निजी स्कूल घोटाले केस में अरसकुमार की गुंडा एक्ट के तहत नजरबंदी को निरस्त कर दिया है। न्यायाधीशों की पीठ ने अरसकुमार की पत्नी द्वारा दायर जनहित याचिका को स्वीकार किया।
LSN India ·

मद्रास उच्च न्यायालय के न्यायाधीश एन. सतीश कुमार और के. राजशेखर की पीठ ने अरसकुमार की गुंडा एक्ट के तहत नजरबंदी को रद्द कर दिया है। अरसकुमार की पत्नी द्वारा दायर की गई जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए अदालत ने यह फैसला दिया है। यह याचिका 11 जुलाई 2026 को पारित नजरबंदी के आदेश को चुनौती दे रही थी।
100 करोड़ रुपये के निजी स्कूल घोटाले में अरसकुमार के विरुद्ध कार्रवाई की गई थी। अदालत के इस फैसले से अरसकुमार को तत्काल रिहाई मिलेगी। न्यायाधीशों की पीठ ने माना कि गुंडा एक्ट के तहत उनकी नजरबंदी के लिए पर्याप्त आधार नहीं थे।
यह निर्णय उच्च न्यायालय की ओर से गुंडा एक्ट के प्रावधानों की सख्त व्याख्या को दर्शाता है। अदालत की पीठ ने मानवाधिकारों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी है। इस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई के बारे में अभी स्पष्ट नहीं है।