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संत वल्ललार के निवास को लेकर मद्रास उच्च न्यायालय का सवाल
तमिलनाडु सरकार के समक्ष 1800 के दशक में चेन्नई में संत वल्ललार के रहने वाले मकान के अधिग्रहण को लेकर सवाल उठा है। न्यायालय ने सरकार को 10 सितंबर 2026 तक निर्देश प्राप्त करने का आदेश दिया है।
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मद्रास उच्च न्यायालय ने तमिलनाडु सरकार से पूछा है कि क्या वह 1800 के दशक में संत वल्ललार के निवास स्थान के रूप में उपयोग किए जाने वाले चेन्नई के एक मकान का अधिग्रहण करेगी। न्यायमूर्ति जी. जयचंद्रन और ई. मनोहरन की खंडपीठ ने यह सवाल उठाया है।
इस मामले की सुनवाई के दौरान न्यायालय ने विशेष सरकारी वकील (धार्मिक और धर्मार्थ संपदा विभाग) को निर्देश दिया है कि वह 10 सितंबर 2026 तक इस संबंध में सरकार के निर्देश प्राप्त करें। न्यायालय का यह कदम ऐतिहासिक महत्व के इस स्थान के संरक्षण और प्रबंधन से संबंधित है।
ऐसा माना जाता है कि 19वीं सदी में संत वल्ललार, जो एक प्रसिद्ध सामाजिक सुधारक और आध्यात्मिक गुरु थे, चेन्नई के इसी स्थान पर रहते थे। इस मकान का आध्यात्मिक और सांस्कृतिक महत्व है।
न्यायालय की यह कार्रवाई सांस्कृतिक धरोहर स्थलों के संरक्षण को लेकर राज्य सरकार का ध्यान आकर्षित करने का प्रयास प्रतीत होती है। अगली सुनवाई में सरकार को अपने निर्णय स्पष्ट करने होंगे।