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मद्रास उच्च न्यायालय ने CJP सौरव दास की नागरिकता जांच पर जवाब मांगा
एक व्यवसायी की याचिका के बाद मद्रास उच्च न्यायालय ने गृह मंत्रालय और CJP सौरव दास से उनकी भारतीय नागरिकता को लेकर उठाए गए सवालों पर जवाब मांगा है। याचिकाकर्ता का कहना है कि यदि सौरव दास भारतीय नागरिक नहीं हैं तो उनके पासपोर्ट और आधार कार्ड को निरस्त किया जाना चाहिए।
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मद्रास उच्च न्यायालय ने व्यवसायी आर गणेश कुमार द्वारा दायर एक जनहित याचिका पर गृह मंत्रालय और CJP सौरव दास से अपने-अपने पक्ष को स्पष्ट करने के लिए कहा है। याचिका में सौरव दास की नागरिकता को लेकर सवाल उठाए गए हैं और दावा किया गया है कि यदि वह भारतीय नागरिक नहीं हैं तो उनके महत्वपूर्ण दस्तावेज निरस्त किए जाने चाहिए।
याचिकाकर्ता ने अपनी याचिका में सौरव दास के पासपोर्ट और आधार कार्ड को निरस्त करने की मांग की है, बशर्ते जांच में उनकी भारतीय नागरिकता का दावा गलत साबित हो। न्यायालय ने इस मामले में प्रारंभिक जांच के आदेश दिए हैं ताकि तथ्यों की स्पष्ट तस्वीर सामने आ सके।
गृह मंत्रालय को अब इस याचिका पर अपना आधिकारिक रुख स्पष्ट करना होगा। साथ ही, सौरव दास को भी अदालत के समक्ष अपनी नागरिकता से संबंधित सभी दस्तावेज और प्रमाण प्रस्तुत करने का मौका दिया जाएगा। न्यायालय ने दोनों पक्षों को निर्धारित तारीख पर सुनवाई के लिए बुलाया है।
ऐसी याचिकाएं सार्वजनिक हित के मामलों में न्यायिक सक्रियता का उदाहरण हैं, जहां नागरिकता और दस्तावेजों की वैधता जैसे महत्वपूर्ण विषय शामिल होते हैं। अदालत के इस कदम से नागरिकता संबंधी नियमों के सख्त पालन की संभावना बढ़ गई है।