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मां के फैसले का सम्मान करे अदालत: मद्रास हाईकोर्ट

न्यायाधीश पी.टी. आशा ने गर्भ में गंभीर विकृतियों की खोज के बाद गर्भावस्था को चिकित्सकीय तरीके से समाप्त करने का आदेश दिया है।

LSN India · 4 November 2026

मां के फैसले का सम्मान करे अदालत: मद्रास हाईकोर्ट

मद्रास उच्च न्यायालय ने एक महत्वपूर्ण फैसले में कहा है कि यदि कोई महिला अपने भ्रूण में गंभीर असामान्यताओं का पता चलने के बाद गर्भावस्था समाप्त करना चाहती है, तो अदालत को उसके निर्णय का सम्मान करना चाहिए। न्यायाधीश पी.टी. आशा ने यह आदेश एक ऐसे मामले में दिया जहां एक महिला ने पाया कि उसका भ्रूण गंभीर विकृतियों से ग्रस्त था।

न्यायालय का यह निर्णय महिलाओं के प्रजनन अधिकारों के संदर्भ में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। न्यायाधीश आशा के अनुसार, ऐसी परिस्थितियों में मातृत्व से संबंधित निर्णय लेने का अधिकार पूरी तरह से माता को ही होना चाहिए। अदालत ने गर्भ में गंभीर विकृतियों की स्थिति में चिकित्सकीय गर्भावस्था समाप्ति की अनुमति दी है।

इस फैसले को स्वास्थ्य सेवा विशेषज्ञों द्वारा महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि यह मामले-दर-मामले के आधार पर महिलाओं को सहानुभूति और तर्क के साथ लेने का संकेत देता है। न्यायालय ने जोर दिया कि ऐसे मामलों में चिकित्सकीय और नैतिक पहलुओं को पूरी गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए।