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महा अष्टमी 2026: तारीख, कन्या पूजन समय और परंपरागत भोग व्यंजन
नवरात्रि के सबसे महत्वपूर्ण दिनों में से एक महा अष्टमी को माना जाता है, जब भक्त देवी को समर्पित विशेष अनुष्ठान करते हैं और प्रार्थना अर्पित करते हैं।
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नवरात्रि के नौ दिनों में अष्टमी और नवमी सबसे महत्वपूर्ण माने जाते हैं। इन दिनों देश भर में लाखों श्रद्धालु माता दुर्गा के विभिन्न रूपों की पूजा करते हैं और विशेष धार्मिक अनुष्ठान संपन्न करते हैं। महा अष्टमी का दिन बेहद शुभ माना जाता है और इसी दिन कन्या पूजन की परंपरा भी जुड़ी है।
अष्टमी के दिन घरों में कन्या पूजन का विशेष महत्व होता है। इस अवसर पर नौ कन्याओं को देवी के नौ रूपों का प्रतीक मानकर उनका पूजन किया जाता है और उन्हें भोग परोसा जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन पूजा करने से घर में सुख और समृद्धि आती है।
महा अष्टमी की परंपरागत रस्मों का एक महत्वपूर्ण हिस्सा भोग भी है। विभिन्न क्षेत्रों में इस दिन के लिए विशेष व्यंजन तैयार किए जाते हैं जो पीढ़ियों से चली आ रही परंपरा का हिस्सा हैं। खीर, पूरी, आलूर दम और अन्य पारंपरिक पकवान इस दिन की खासियत होते हैं।
वर्ष 2026 में भी देश भर में महा अष्टमी को पूरी धूमधाम के साथ मनाया जाएगा। कन्या पूजन और अन्य धार्मिक कार्यक्रमों के लिए शुभ मुहूर्त का अधिकांश श्रद्धालु इंतजार करते हैं ताकि वे सही समय पर पूजा संपन्न कर सकें।