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महाराष्ट्र धर्मांतरण कानून: सहमति से कानूनी नोटिस तक

महाराष्ट्र का धर्मांतरण विरोधी कानून जबरदस्ती या धोखाधड़ी वाले धर्मांतरण पर रोक लगाने का दावा करता है, लेकिन ईसाई और मुस्लिम समुदाय इस कानून के व्यापक दायरे को लेकर चिंताएं जता रहे हैं।

LSN India · 27 August 2026

महाराष्ट्र धर्मांतरण कानून: सहमति से कानूनी नोटिस तक

महाराष्ट्र सरकार ने धर्मांतरण विरोधी कानून को लागू करने के पीछे तर्क दिया है कि इसका मकसद ताकत के जरिए या धोखाधड़ी से किए जाने वाले धर्मांतरण को रोकना है। कानून में सहमति पत्र, सरकारी नोटिस और कारावास की सजा जैसी व्यवस्थाएं शामिल हैं।

हालांकि, ईसाई और मुस्लिम समुदायों के संगठनों ने इस कानून की व्याख्या को लेकर गंभीर आपत्तियां दर्ज की हैं। इन समुदायों की चिंता है कि 'प्रलोभन' जैसी शर्तों को बहुत व्यापक तरीके से लागू किया जा सकता है।

उनके अनुसार, इस कानून में 'प्रलोभन' की परिभाषा इतनी विस्तृत है कि यह व्यक्तिगत संबंधों, धार्मिक सभाओं में भागीदारी या साप्ताहिक धार्मिक सेवाओं में शामिल होने तक को जबरदस्ती या धोखाधड़ी का रूप दे सकती है।

इस विवाद से स्पष्ट है कि जहां सरकार कानून को जबरदस्ती से बचाव के रूप में प्रस्तुत करती है, वहीं धार्मिक अल्पसंख्यक समुदाय इसे अपने मौलिक अधिकारों पर अनावश्यक प्रतिबंध के रूप में देख रहे हैं। इस कानून के प्रावधान व्यक्तिगत आस्था और धार्मिक स्वतंत्रता के बीच कानूनी संघर्ष का केंद्र बन गए हैं।