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महाराष्ट्र में गंभीर सूखे की स्थिति, छह जिलों में 40-50% वर्षा की कमी
महाराष्ट्र में औसत से 18.8 प्रतिशत कम वर्षा हुई है, जबकि छह जिलों में स्थिति और गंभीर है। किसान सरकार से तुरंत सूखा घोषणा और राहत राशि की मांग कर रहे हैं।
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महाराष्ट्र के कृषि क्षेत्रों में जल संकट गहराते जा रहे हैं। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, राज्य में इस बार औसत से 18.8 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है। स्थिति मराठवाड़ा और विदर्भ क्षेत्रों में विशेष रूप से चिंताजनक है, जहां छह जिलों में वर्षा की कमी 40 से 50 प्रतिशत तक पहुंच गई है।
सूखे की इस गंभीर स्थिति के बीच किसानों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है। राज्य सरकार द्वारा 5 अक्टूबर के बाद फसल नुकसान सर्वेक्षण कराए जाने की घोषणा की गई है। हालांकि, किसान संगठन और स्थानीय प्रतिनिधि तुरंत सूखा घोषणा और आर्थिक सहायता के लिए दबाव बना रहे हैं।
जल की कमी के कारण खेतों में सिंचाई की समस्या तीव्र हो गई है। पेयजल की आपूर्ति भी प्रभावित हुई है। कृषि विभाग के अधिकारियों के अनुसार, सर्वेक्षण के परिणामों के आधार पर ही राहत पैकेज और मुआवजे की घोषणा की जा सकेगी।
इस बीच, किसानों की तत्काल मदद की मांग तेज हो गई है। स्थानीय प्रशासन से अपेक्षा की जा रही है कि वह जनवितरण प्रणाली के माध्यम से आवश्यक राहत सामग्री पहुंचाने का कदम उठाए। विशेषज्ञ मानते हैं कि अगर अगले महीने में पर्याप्त बारिश न हुई, तो खरीफ फसल को भी नुकसान का सामना करना पड़ सकता है।