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लातूर के किसान पशुचारे के संकट में गन्ने की कटाई कर रहे हैं
सूखे और चारे की कमी के कारण महाराष्ट्र के लातूर जिले के किसान मवेशियों के लिए गन्ने को चारा के रूप में काटने के लिए मजबूर हो गए हैं। यह कदम पशुपालन और कृषि दोनों क्षेत्रों में गंभीर संकट का संकेत दे रहा है।
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महाराष्ट्र के लातूर जिले में किसानों की मवेशियों को चारे की गंभीर कमी का सामना करना पड़ रहा है। लगातार सूखे की स्थिति और चारागाह सूख जाने से पशुओं के लिए पर्याप्त पौष्टिक भोजन नहीं मिल रहा है। इस संकट से निपटने के लिए स्थानीय किसान अपनी नकदी फसल गन्ने को काटकर पशु चारे के रूप में उपयोग करने लगे हैं।
गन्ना आमतौर पर चीनी उत्पादन के लिए चीनी कारखानों में भेजा जाता है, जो किसानों के लिए एक महत्वपूर्ण आय का स्रोत है। हालांकि, पशुओं की तत्काल जरूरत को देखते हुए किसान इस विकल्प को अपनाने के लिए बाध्य हो गए हैं। गन्ने के पत्तियों और तनों को पशु चारे के रूप में उपयोग करना एक अल्पकालिक समाधान माना जा रहा है।
जिले में सूखे की स्थिति को देखते हुए कृषि विभाग और पशुपालन विभाग ने किसानों को चारे की व्यवस्था करने के बारे में सलाह दी है। हालांकि, प्राकृतिक संसाधनों की कमी से लातूर के किसान अपने मवेशियों की देखभाल करने के लिए वैकल्पिक तरीकों की ओर रुख कर रहे हैं। इस स्थिति से निकलने के लिए क्षेत्र को पर्याप्त वर्षा और सरकारी सहायता की आवश्यकता है।