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एशियाड 2026: प्राचिती नागपुरकर बनीं भारत की पहली महिला एमएमए रेफरी
महाराष्ट्र की प्राचिती नागपुरकर ने चार्टर्ड अकाउंटेंसी का करियर छोड़कर मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स रेफरी बनने का सपना पूरा किया। वह एशियाई खेलों में एमएमए बाउट का रेफरी करने वाली पहली भारतीय बन गई हैं।
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नागोया में आयोजित एशियाई खेलों में महाराष्ट्र की प्राचिती नागपुरकर ने मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स की सेमीफाइनल बाउट में रेफरी की भूमिका निभाई। नागोया सिटी इनाई स्पोर्ट्स सेंटर में एमएमए को महाद्वीपीय खेलों में पहली बार शामिल किया गया है और प्राचिती इस ऐतिहासिक क्षण का हिस्सा हैं।
पेशेवर चार्टर्ड अकाउंटेंट से रेफरी बनने के अपने फैसले पर प्राचिती को कोई पछतावा नहीं है। उन्होंने एशियाई खेलों की क्वालिफाइंग राउंड, उज़्बेकिस्तान और चीन में आयोजित एशियाई चैंपियनशिप तथा दक्षिण पूर्व एशियाई खेलों में भी रेफरी की जिम्मेदारी संभाली है।
प्राचिती ने कहा कि अपने देश का प्रतिनिधित्व करना हमेशा का सपना था। उन्होंने जोर दिया कि वह न केवल पहली महिला अधिकारी हैं, बल्कि एमएमए में मैच रेफरी के पद पर भारत के पहली आधिकारिक प्रतिनिधि हैं। खेल के इतिहास का हिस्सा बनना उनके लिए एक अविस्मरणीय अनुभव रहा है।