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सांगली राजघराने में उत्तराधिकार विवाद, भाग्यश्री को हटाया गया
गणेश चतुर्थी पर सांगली के ऐतिहासिक गणपति मंदिर में आरती के बाद पटवर्धन राजघराने में उत्तराधिकार को लेकर तनाव सामने आया। राजपरिवार के प्रमुख ने गोद लिए बेटे को अपना एकमात्र उत्तराधिकारी घोषित किया।
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सांगली के ऐतिहासिक गणपति मंदिर में गणेश चतुर्थी की आरती के दौरान पटवर्धन राजघराने में एक बड़ा संकट सामने आया है। पारंपरिक पूजा के बाद राजपरिवार के मुखिया ने अपने गोद लिए हुए बेटे आदित्यराजे को परिवार का एकमात्र उत्तराधिकारी बताया है।
यह घोषणा राजघराने की महिला सदस्य भाग्यश्री के लिए चौंकाने वाली रही है। पारिवारिक परंपरा के अनुसार उत्तराधिकार की व्यवस्था में यह कदम राजघराने में गहरे असंतोष का संकेत माना जा रहा है। स्थानीय सूत्रों के अनुसार, भाग्यश्री को परिवार की प्रशासनिक जिम्मेदारियों से वंचित कर दिया गया है।
सांगली का पटवर्धन राजघराना महाराष्ट्र के प्रमुख शाही परिवारों में से एक है जिसका इतिहास कई शताब्दियों तक फैला है। राजघराने के आंतरिक मामलों में यह विवाद परिवार की भविष्य की दिशा के संबंध में गंभीर सवाल खड़े करता है।
राजघराने की ओर से अभी तक इस फैसले के बारे में कोई औपचारिक बयान नहीं दिया गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह निर्णय भारतीय राजशाही प्रथा और आधुनिक परिवार कानूनों के बीच की टकराहट को दर्शाता है।