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महाराष्ट्र में मतदाता सूची से 3 करोड़ मतदाता गायब होने का आरोप
महाराष्ट्र के विधायक रोहित पावर ने निर्वाचक नामावली संशोधन अभ्यास में 3 करोड़ मतदाताओं के डेटा हटाए जाने का दावा किया है। अधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, अभ्यास के दौरान 2.07 करोड़ मतदाताओं के नामांकन फॉर्म अधूरे रह गए हैं।
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महाराष्ट्र के कांग्रेस विधायक रोहित पावर ने राज्य के निर्वाचक नामावली संशोधन प्रक्रिया में बड़ी विसंगतियों का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा है कि मतदाता सूची से कथित तौर पर 3 करोड़ मतदाताओं का डेटा हटाया गया है, जिससे लोकतांत्रिक प्रक्रिया को नुकसान हो रहा है।
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, निर्वाचक नामावली संशोधन (एसआईआर) अभ्यास में महाराष्ट्र में कुल 9.78 करोड़ पंजीकृत मतदाता सामने आए हैं। हालांकि, इस प्रक्रिया के दौरान 2.07 करोड़ मतदाताओं के नामांकन फॉर्म एकत्र नहीं किए जा सके हैं। यह आंकड़ा स्वयं विधायक द्वारा उठाई गई चिंताओं को बल देता है।
मतदाता सूची की पारदर्शिता और सटीकता लोकतांत्रिक चुनावों की नींव मानी जाती है। विधायक का दावा यह सवाल उठाता है कि क्या संशोधन प्रक्रिया में पर्याप्त पारदर्शिता बरती गई है। अधूरे नामांकन फॉर्मों की बड़ी संख्या निर्वाचन आयोग के समक्ष एक महत्वपूर्ण चुनौती प्रस्तुत करती है।
यह मामला राज्य की मतदाता पंजीकरण प्रक्रिया की दक्षता पर सवाल खड़े करता है। निर्वाचन आयोग से इन विसंगतियों पर स्पष्टीकरण देने की अपेक्षा की जा रही है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि सभी योग्य मतदाताओं का नाम सूची में दर्ज है।