Politics · India Bureau
बिना बाहरी निवेश के मेलचिम्प ने बनाया 12 अरब डॉलर का साम्राज्य
रॉकेट साइंस ग्रुप के संस्थापकों ने दो दशक में एक साधारण व्यावसायिक उपकरण को डिजिटल मार्केटिंग की वैश्विक शक्ति में रूपांतरित किया। इंटुइट ने 2021 में इसे 12 अरब डॉलर में खरीदा।
LSN India ·

मेलचिम्प की सफलता की कहानी भारतीय उद्यमियों के लिए प्रेरणादायक है जो स्वतंत्र रूप से अपने व्यवसाय का विकास करना चाहते हैं। बेन चेस्टनट और डैन कुर्जियस द्वारा संस्थापित यह कंपनी ईमेल मार्केटिंग टूल के रूप में शुरू हुई और आज यह डिजिटल मार्केटिंग इंडस्ट्री में एक प्रमुख नाम है।
रॉकेट साइंस ग्रुप के रूप में जानी जाने वाली इस कंपनी ने बाहरी निवेशकों पर निर्भर रहे बिना अपना विस्तार किया। इसका मतलब था कि संस्थापक अपनी व्यावसायिक रणनीति पर पूर्ण नियंत्रण रखते थे और ग्राहकों की जरूरतों को सर्वोच्च प्राथमिकता दे सकते थे।
मेलचिम्प के सफलता के मूल में ग्राहक-केंद्रित नवाचार और कंपनी की स्वतंत्रता को बनाए रखने की प्रतिबद्धता थी। यह दृष्टिकोण कंपनी को बाजार में एक विश्वसनीय और प्रभावशाली खिलाड़ी के रूप में स्थापित करने में मदद रहा।
2021 में जब इंटुइट ने मेलचिम्प को 12 अरब डॉलर में अधिग्रहित किया, तो यह एक बड़ी मान्यता थी कि स्वतंत्र विचारधारा और दीर्घकालीन योजना से कैसे एक साधारण साइड प्रोजेक्ट एक बहुअरब डॉलर का व्यवसाय बन सकता है। यह सौदा स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर रहा है।