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वास्तु विशेषज्ञों के अनुसार कुछ दिशाओं में मुख्य द्वार अशुभ माना जाता है

घर के मुख्य द्वार की दिशा वास्तु शास्त्र में विशेष महत्व रखती है। विशेषज्ञों के अनुसार, इसकी स्थिति घर के निवासियों के जीवन पर सकारात्मक या नकारात्मक प्रभाव डाल सकती है।

LSN India · 19 September 2026

वास्तु विशेषज्ञों के अनुसार कुछ दिशाओं में मुख्य द्वार अशुभ माना जाता है

वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर में प्रवेश का मुख्य द्वार केवल एक भौतिक संरचना नहीं है, बल्कि आवास के समग्र ऊर्जा प्रवाह का केंद्रबिंदु माना जाता है। विशेषज्ञों का मानना है कि मुख्य द्वार की दिशा घर के वास्तु को सीधे प्रभावित करती है और इससे घर में रहने वाले सदस्यों की सुख-समृद्धि जुड़ी होती है।

वास्तु परामर्शदाताओं के अनुसार, विभिन्न दिशाओं में स्थित मुख्य द्वार के अलग-अलग परिणाम सामने आते हैं। कुछ दिशाएं आर्थिक लाभ और सकारात्मक ऊर्जा लाती हैं, जबकि अन्य दिशाओं को अधिक नकारात्मक प्रभाव डालने वाली माना जाता है। इन नकारात्मक दिशाओं में घर बनने से आर्थिक हानि, दुर्घटनाओं और अन्य समस्याओं की आशंका रहती है।

विशेषज्ञों का सुझाव है कि जिन घरों में मुख्य द्वार अशुभ दिशा में है, उन्हें निर्धारित सुधार उपायों को अपनाना चाहिए। इन उपायों में रंगों का चयन, विशेष प्रतीकों का प्रयोग और वास्तु सुधार शामिल हो सकते हैं। हालांकि, कुछ दिशाएं ऐसी होती हैं जहां केवल सीमित समाधान संभव माने जाते हैं।

वास्तु शास्त्र को मानने वाले लोग घर निर्माण या खरीद से पहले मुख्य द्वार की दिशा पर विशेष ध्यान देते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि सही दिशा में द्वार होने से न केवल आर्थिक सुरक्षा मिलती है, बल्कि परिवार के सदस्यों का स्वास्थ्य और मानसिक शांति भी प्रभावित होती है।