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चेन्नई और मुंबई में वायु गुणवत्ता खराब, कोलकाता में राहत
देश के प्रमुख शहरों में वायु प्रदूषण के स्तर में असमानता देखने को मिल रही है। चेन्नई और मुंबई समेत पांच शहरों में वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) मध्यम श्रेणी में दर्ज हुआ है, जबकि कोलकाता एकमात्र शहर है जहां स्थिति संतोषजनक बनी हुई है।
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देश के प्रमुख महानगरों में वायु गुणवत्ता की स्थिति में उल्लेखनीय अंतर देखने को मिल रहा है। सर्वेक्षण के अनुसार, अधिकांश बड़े शहरों में प्रदूषण के स्तर में चिंताजनक वृद्धि हुई है, जबकि कुछ शहरों में स्थिति अपेक्षाकृत बेहतर बनी हुई है।
चेन्नई और मुंबई जैसे प्रमुख आर्थिक केंद्रों में वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) मध्यम श्रेणी में दर्ज किया गया है, जो स्वास्थ्य के लिए संवेदनशील समूहों के लिए चिंताजनक है। इन दोनों महानगरों में औद्योगिक गतिविधियों, यातायात और मौसमी कारकों के कारण प्रदूषण का स्तर बढ़ा हुआ है।
इसके विपरीत, कोलकाता में वायु गुणवत्ता संतोषजनक श्रेणी में बनी हुई है, जो इस क्षेत्र के लिए सकारात्मक संकेत है। विश्लेषकों के अनुसार, मौसमी पवन पैटर्न और स्थानीय भौगोलिक परिस्थितियां कोलकाता में अपेक्षाकृत बेहतर वायु गुणवत्ता बनाए रखने में सहायक हो रही हैं।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि मध्यम वर्ग के एक्यूआई वाले क्षेत्रों में निवासियों, विशेषकर बुजुर्गों, बच्चों और श्वसन संबंधी रोगों से ग्रस्त लोगों को बाहरी गतिविधियों को सीमित करना चाहिए। प्रदूषण नियंत्रण के लिए सरकारी एजेंसियों द्वारा निरंतर निगरानी और सख्त उपाय जारी हैं।