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यूपीआई पेमेंट पर केवल 17% व्यापारी 0.4% शुल्क देने को तैयार
एक सर्वेक्षण में पता चला कि 41% व्यापारी 2,000 रुपये से अधिक यूपीआई लेनदेन पर कोई भी शुल्क नहीं देना चाहते, जबकि 9% यूपीआई स्वीकार ही नहीं करते।
LSN India ·

भारत में डिजिटल भुगतान को लेकर व्यापारियों के बीच असंतोष की तस्वीर एक नए सर्वेक्षण से उजागर हुई है। सर्वे के अनुसार, यूपीआई लेनदेन पर 0.4 प्रतिशत मर्चेंट डिस्काउंट रेट (एमडीआर) सहन करने के लिए तैयार व्यापारियों की संख्या मात्र 17 प्रतिशत है।
सर्वेक्षण में शामिल 41 प्रतिशत व्यापारियों ने 2,000 रुपये से अधिक की राशि के यूपीआई भुगतान पर किसी भी प्रकार का शुल्क न देने की मांग की है। इसके अलावा, देश के 9 प्रतिशत व्यापारी अभी भी यूपीआई पेमेंट स्वीकार ही नहीं करते हैं।
यह आंकड़े भारत के खुदरा क्षेत्र में डिजिटल भुगतान प्रणाली को लेकर व्यापारियों की बढ़ती असंतुष्टि को दर्शाते हैं। छोटे व्यापारियों का मानना है कि लेनदेन शुल्क उनके मुनाफे को प्रभावित करते हैं और इस कारण वे पारंपरिक नकद लेनदेन को प्राथमिकता देते हैं।
डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा देने की नीति के साथ ही व्यापारियों के हित को संतुलित करना सरकार और पेमेंट गेटवे के लिए एक बड़ी चुनौती बन गई है। इस मुद्दे को लेकर खुदरा व्यापार संगठन लगातार सरकार से न्यूनतम शुल्क निर्धारित करने की अपील कर रहे हैं।