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सांप की जान बचाने के लिए CPR का इस्तेमाल, गुजरात में मिली इंसानियत की मिसाल
गुजरात के वलसाड जिले के वापी में एक युवक ने बेहोश पड़े सांप को कृत्रिम श्वसन देकर जीवनदान दिया। यह घटना जीवदया और मानवीय संवेदनशीलता का एक दुर्लभ उदाहरण बनी है।
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वलसाड जिले के वापी औद्योगिक क्षेत्र में एक कंपनी से बरामद किया गया एक बिन जहरीला सांप गंभीर स्थिति में था। सांप लगभग बेहोश हालत में पाया गया था और उसका जीवन संकट में दिख रहा था। स्थानीय प्रशासन और कंपनी कर्मचारियों ने तुरंत सांप को सुरक्षित निकालने का कार्य किया।
जीवदया के प्रति समर्पित संजय पवार ने सांप की दयनीय स्थिति देखकर तुरंत कार्रवाई की। पवार ने सांप को कृत्रिम श्वसन (CPR) प्रदान करने का निर्णय लिया। उन्होंने अपने मुंह से सांप को सांस देने का जोखिम भरा प्रयास किया।
पवार की इस अभूतपूर्व पहल के कारण सांप की चेतना वापस आई और वह जीवित बच गया। सांप को बाद में वन विभाग के अधिकारियों को सौंप दिया गया ताकि उसे पुनः प्राकृतिक आवास में छोड़ा जा सके।
यह घटना न केवल पशुओं के प्रति संवेदनशीलता बल्कि सभी जीवन रूपों के प्रति सम्मान का संदेश देती है। वन संरक्षण विशेषज्ञों के अनुसार, बिन जहरीले सांपों का संरक्षण पारिस्थितिकी तंत्र के संतुलन के लिए महत्वपूर्ण है।