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मणिपुर जनगणना को लेकर दिल्ली के फैसले का इंतजार, मैतेई-नागा समूहों की एनआरसी की मांग
मणिपुर में जनगणना के मुद्दे पर केंद्र सरकार आने वाले दिनों में स्थिति की समीक्षा करने वाली है। इस बीच मणिपुर उच्च न्यायालय मंगलवार को कांगलेइपक छात्र संघ द्वारा दाखिल जनहित याचिका की सुनवाई करेगा।
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मणिपुर में जनगणना के मुद्दे पर राजनीतिक तनाव बढ़ता जा रहा है, जबकि सरकारी सूत्रों के अनुसार केंद्र सरकार इस मामले में आने वाले दिनों में व्यापक समीक्षा करने की योजना बना रही है। राज्य में मैतेई और नागा समुदाय के प्रभावशाली संगठन जनगणना से पहले राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) लागू करने की मांग कर रहे हैं।
इस विवादास्पद मुद्दे पर मणिपुर उच्च न्यायालय भी सक्रिय हो गया है। कांगलेइपक छात्र संघ द्वारा दाखिल एक जनहित याचिका की सुनवाई अदालत मंगलवार को करेगी। यह याचिका जनगणना और एनआरसी से जुड़े महत्वपूर्ण कानूनी सवालों को उठाती है।
मणिपुर में जनसंख्या के आधार पर राजनीतिक शक्ति का वितरण होता है, जिससे जनगणना को लेकर विभिन्न समुदायों के बीच संवेदनशीलता रहती है। एनआरसी को लेकर भी राज्य में गहरी चिंता व्यक्त की जा रही है, क्योंकि इसका प्रभाव राज्य की जनसांख्यिकी पर पड़ सकता है।
सरकार के पास अब दोनों मुद्दों को संवेदनशीलता से संभालने की जिम्मेदारी है। राज्य में सामाजिक सद्भावना बनाए रखते हुए केंद्र को इन मांगों और चिंताओं के बीच संतुलन खोजना होगा। आने वाले दिनों में दिल्ली के फैसले से स्पष्ट होगा कि सरकार इस जटिल राजनीतिक स्थिति को कैसे संभालने वाली है।