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मणिपुर सरकार राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर के लिए 1951 को आधार वर्ष मानना चाहती है
मणिपुर के गृह मंत्री कॉंथौजम गोविंदास ने विधानसभा को सूचित किया कि अब तक पकड़े गए 24,475 अवैध प्रवासियों में से 14,992 को म्यांमार भेज दिया गया है। कुकी-जो परिषद ने केंद्र से जनगणना आयोजित करने का आग्रह किया है।
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मणिपुर की सरकार राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) संचालित करने के लिए 1951 को आधार वर्ष के रूप में स्वीकार किए जाने के पक्ष में है। इस संबंध में गृह मंत्री कॉंथौजम गोविंदास ने राज्य विधानसभा में महत्वपूर्ण जानकारी साझी है।
मंत्री ने बताया कि राज्य में अब तक 24,475 अवैध प्रवासियों की पहचान की गई है, जिनमें से 14,992 को पहले से ही म्यांमार वापस भेज दिया जा चुका है। यह आंकड़े सीमावर्ती क्षेत्रों में प्रशासनिक कार्यवाही के माध्यम से प्राप्त किए गए हैं।
इसी बीच, कुकी-जो परिषद (केजेडसी) ने केंद्र सरकार से राज्य में जनगणना आयोजित करने का आग्रह किया है। परिषद का तर्क है कि इस महत्वपूर्ण प्रशासनिक कार्य को किसी भी राजनीतिक दबाव या पूर्वाग्रह के कारण बाधित नहीं किया जाना चाहिए।
एनआरसी प्रक्रिया को लेकर राज्य में विभिन्न समूहों के अलग-अलग विचार रहे हैं। सरकार की ओर से 1951 को आधार वर्ष मानने की बात कही जा रही है ताकि नागरिकता निर्धारण में एकरूपता और पारदर्शिता सुनिश्चित की जा सके।