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विवाह से पहले अनिवार्य एचआईवी जांच की मांग विवादास्पद

मार थोमा चर्च के एक प्रभावशाली धर्मनेता ने विवाह समारोह से पहले दूल्हा-दुल्हन की अनिवार्य एचआईवी जांच की मांग की है। इस प्रस्ताव ने चर्च समुदाय में गर्मागर्म बहस छेड़ दी है।

LSN India · 3 September 2026

विवाह से पहले अनिवार्य एचआईवी जांच की मांग विवादास्पद

मार थोमा चर्च के एक वरिष्ठ न्यासी फ्र. के. थॉमस ने हाल ही में एक पारिवारिक बैठक में कहा कि चर्च द्वारा संपन्न विवाह समारोह से पहले दोनों पक्षों को एचआईवी परीक्षण कराना अनिवार्य कर दिया जाए। उनके इस सुझाव का उद्देश्य विवाहित दंपत्तियों में रक्त जनित संक्रमण के प्रसार को रोकना है।

यह प्रस्ताव मार थोमा चर्च के भीतर एवं उसके बाहर के धार्मिक और सामाजिक हलकों में विवादास्पद साबित हुआ है। समर्थकों का मानना है कि ऐसी जांच सार्वजनिक स्वास्थ्य की दृष्टि से महत्वपूर्ण कदम हो सकती है। वहीं विरोधी पक्ष का तर्क है कि यह निजता के अधिकार में हस्तक्षेप करने वाला कदम है।

धार्मिक संस्थाओं द्वारा ऐसे सार्वजनिक स्वास्थ्य संबंधी कदम उठाने का मुद्दा भारत में पहले भी विभिन्न समुदायों में उठाया गया है। चिकित्सा विशेषज्ञ स्वेच्छा से परीक्षण को बेहतर मानते हैं, लेकिन इसे अनिवार्य बनाने के बारे में विभिन्न मत हैं।

चर्च के नेतृत्व की ओर से अभी तक इस प्रस्ताव पर कोई आधिकारिक रुख सामने नहीं आया है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे संवेदनशील मसलों पर समाज के सभी वर्गों से परामर्श लेना आवश्यक है।