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CAFE-III मानदंड: सिटी का मारुति, महिंद्रा और ह्यूंडई को समर्थन; बीओए तटा मोटर्स को सर्वश्रेष्ठ मानते हैं
नई ऑटोमोटिव ईंधन दक्षता नीति को पिछली व्यवस्थाओं से कहीं अधिक सख्त बताया जा रहा है। वित्तीय विश्लेषकों के विचार से नियमों की स्पष्टता ऑटो सेक्टर के लिए सकारात्मक संकेत दे रही है।
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भारतीय ऑटोमोटिव उद्योग के लिए नए CAFE-III (कॉर्पोरेट एवरेज ईंधन दक्षता) मानदंडों को लेकर विश्लेषकों के बीच अलग-अलग मत हैं। सिटी ग्रुप का विश्लेषण दर्शाता है कि मारुति सुजुकी, महिंद्रा एंड महिंद्रा और हुंडई मोटर कंपनी इन नए नियमों के तहत बेहतर स्थिति में हैं।
नए CAFE-III ढांचे को पिछले CAFE-I और CAFE-II शासन की तुलना में काफी अधिक कठोर माना जा रहा है। सिटी का मानना है कि इन नियमों की स्पष्टता ऑटोमोटिव क्षेत्र के लिए सकारात्मक है क्योंकि यह कंपनियों को भविष्य की योजना बनाने में मदद करेगी।
दूसरी ओर, बैंक ऑफ अमेरिका के विश्लेषकों का मानना है कि टाटा मोटर्स इन नई आवश्यकताओं के लिए सबसे अच्छी तरह तैयार है। विभिन्न वित्तीय संस्थानों के ये अलग-अलग विचार बाजार में अनिश्चितता बनाए हुए हैं।
नई नीति के तहत कंपनियों को अपने वाहन बेड़े की ईंधन दक्षता में महत्वपूर्ण सुधार करना होगा। इसके लिए कंपनियों को इलेक्ट्रिक और हाइब्रिड तकनीकों में अधिक निवेश करने की आवश्यकता होगी।