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मतदाताओं को बड़े पैमाने पर छोड़ना संविधान के लिए घातक: न्यायाधीश भूयां

सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश ने कहा कि चुनावी सूचियों से लाखों मतदाताओं को हटाना मनमानी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस तरह की कार्रवाई किसी भी तर्क से न्यायसंगत नहीं की जा सकती।

LSN India · 4 October 2026

सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश न्यायमूर्ति भूयां ने मतदाताओं को बड़े पैमाने पर चुनावी सूचियों से छोड़ने की प्रक्रिया को 'मनमानी' करार दिया है। उन्होंने कहा कि ऐसी कार्रवाई नागरिकों को दूसरे दर्जे के नागरिक में तब्दील करने जैसी है।

न्यायाधीश ने स्पष्ट किया कि यह प्रक्रिया संवैधानिक मूल्यों के विरुद्ध है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि किसी भी प्रकार की तुलनात्मक बहस या काउंटर तर्क मतदाताओं के व्यापक बहिष्कार को सही नहीं ठहरा सकते।

न्यायमूर्ति के अनुसार, चुनावी प्रक्रिया से लाखों लोगों को अलग करना संविधान के लिए घातक साबित होता है। यह कदम लोकतांत्रिक अधिकारों की बुनियाद को कमजोर करता है।

न्यायाधीश का यह बयान मतदाता सूचियों की पारदर्शिता और समावेशिता को लेकर चल रही कानूनी बहस के दौरान आया है। उन्होंने संवैधानिक ढांचे के भीतर सभी नागरिकों के मतदान अधिकार की रक्षा के महत्व को रेखांकित किया।