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संसद में रखे ऐतिहासिक सेंगोल को तराशने वाले वुम्मिडी एथिराज का निधन

प्रसिद्ध सुनार वुम्मिडी एथिराज का 99 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उन्होंने भारतीय संसद में रखे गए ऐतिहासिक सेंगोल को तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।

LSN India · 21 October 2026

संसद में रखे ऐतिहासिक सेंगोल को तराशने वाले वुम्मिडी एथिराज का निधन

तमिलनाडु के प्रसिद्ध सुनार वुम्मिडी एथिराज का शुक्रवार को 99 वर्ष की आयु में निधन हो गया। एथिराज का नाम भारतीय इतिहास से अमिट रूप से जुड़ा हुआ है क्योंकि उन्होंने राष्ट्रीय संसद में रखे गए ऐतिहासिक सेंगोल को तराशने का काम किया था।

सेंगोल एक प्रतीकात्मक सोने की छड़ी है जो भारतीय लोकतंत्र के विकास की यादगार मानी जाती है। इसे संसद भवन में एक सम्मानित स्थान पर रखा गया है। वुम्मिडी एथिराज की दक्ष कारीगरी और कलात्मक प्रतिभा का परिचय इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय अवशेष के निर्माण से मिलता है।

चेन्नई के चेपौक क्षेत्र में स्थापित उनके परिवार के सुनारी कार्यशाला को दक्षिण भारत की परंपरागत कारीगरी का केंद्र माना जाता रहा है। एथिराज ने अपने दशकों के करियर में न केवल राष्ट्रीय स्तर के कार्य किए बल्कि तमिल संस्कृति और परंपरागत कलाओं को आगे बढ़ाने में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया।

उनके निधन से भारतीय कारीगरी की एक महत्वपूर्ण कड़ी टूट गई है। कला और शिल्प के क्षेत्र में उनका विशाल अनुभव और योगदान आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बना रहेगा।