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जलवायु परिवर्तन को वैश्विक स्वास्थ्य आपातकाल घोषित करने की मांग
एक प्रभावशाली चिकित्सा रिपोर्ट ने जलवायु परिवर्तन को मानव स्वास्थ्य के लिए सबसे बड़े खतरे के रूप में चिन्हित किया है। नवंबर में होने वाले जलवायु सम्मेलन से पहले यह रिपोर्ट जारी की गई है।
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एक अंतर्राष्ट्रीय चिकित्सा रिपोर्ट ने जलवायु परिवर्तन को वैश्विक स्वास्थ्य आपातकाल की स्थिति देने की आवश्यकता पर बल दिया है। 30 देशों के 146 शोधकर्ताओं द्वारा तैयार की गई यह रिपोर्ट जलवायु संकट के स्वास्थ्य संबंधी प्रभावों का व्यापक विश्लेषण प्रस्तुत करती है।
यह रिपोर्ट अपने दसवें संस्करण में विश्व के प्रमुख चिकित्सा पत्रिका द्वारा प्रकाशित की गई है। नवंबर में होने वाले अंतर्राष्ट्रीय जलवायु सम्मेलन से पहले यह दस्तावेज़ सरकारों और नीति निर्माताओं को महत्वपूर्ण सुझाव प्रदान करता है।
शोधकर्ताओं के अनुसार, बढ़ते तापमान से संक्रामक रोगों का प्रसार, खाद्य सुरक्षा में गिरावट और मानसिक स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। विकासशील देशों में ये समस्याएं अधिक गंभीर हैं जहां स्वास्थ्य सेवाएं पहले से ही सीमित हैं।
रिपोर्ट तत्काल कार्रवाई की मांग करती है ताकि जलवायु परिवर्तन के कारण होने वाली स्वास्थ्य संकट को नियंत्रित किया जा सके। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अभी कदम नहीं उठाए गए तो आने वाले दशकों में लाखों लोग स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का सामना करेंगे।