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क्या मेघना गुलज़ार की फिल्म दायरा अपने पिता की परंपरा को आगे बढ़ाती है?
मेघना गुलज़ार की नई फिल्म दायरा के संदर्भ में पत्रकारों ने पूछा कि क्या वह अपने पिता गुलज़ार की 1973 की फिल्म अचानक की परंपरा का पालन कर रही हैं, जिसमें कोई गीत नहीं थे। प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह सवाल उठाया गया कि क्या दायरा भी गीत-रहित फिल्म है।
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फिल्ममेकर मेघना गुलज़ार की हालिया प्रेस कॉन्फ्रेंस में उनकी नई परियोजना दायरा को लेकर सवाल उठे। पत्रकारों ने पूछा कि क्या वह अपने प्रसिद्ध पिता गुलज़ार की फिल्मी विरासत के पदचिन्हों पर चल रही हैं।
गुलज़ार ने 1973 में अचानक फिल्म बनाई थी, जो बिना किसी गीत के एक दुर्लभ प्रयोग था। सिनेमा में गीत-संगीत को महत्वपूर्ण माना जाता है, लेकिन यह फिल्म कथानक और अभिनय की शक्ति पर ही निर्भर रही थी। यह फिल्म उस समय की बोल्ड पसंद मानी जाती है।
मेघना गुलज़ार की दायरा परियोजना के बारे में समान प्रश्न उठने से लगता है कि फिल्म में भी गीत नहीं हो सकते। हालांकि, मेघना ने अपनी फिल्मों में एक स्वतंत्र दृष्टिकोण बनाए रखा है और अपने पिता की प्रभाव से परे अपना रास्ता तय किया है।
दायरा के विवरण और इसके निर्माण दृष्टिकोण के बारे में अधिक जानकारी आने का इंतजार है। फिल्म इंडस्ट्री में ऐसे प्रयोगात्मक कार्य दर्शकों को नए तरीके से कहानी सुनाने का मौका देते हैं।