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स्मार्टडिवाइस की लागत में मेमोरी चिप्स की हिस्सेदारी अब 50 प्रतिशत के करीब

मेमोरी चिप्स की कीमतें पिछले दो वर्षों में उपकरणों की कुल कीमत का 10-15 प्रतिशत से बढ़कर लगभग 50 प्रतिशत हो गई हैं। अक्टूबर से दिसंबर की तिमाही में इन चिप्स की कीमतें आगे 5-10 प्रतिशत बढ़ने की संभावना है।

LSN India · 26 August 2026

स्मार्टडिवाइस की लागत में मेमोरी चिप्स की हिस्सेदारी अब 50 प्रतिशत के करीब

मेमोरी चिप्स की बढ़ती कीमतें इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योग के लिए एक प्रमुख चुनौती बन गई हैं। एशुस इंडिया के शीर्ष अधिकारी के अनुसार, ये चिप्स अब डिवाइस की कुल निर्माण लागत का लगभग आधा हिस्सा बनाते हैं, जो दो साल पहले केवल 10-15 प्रतिशत थे।

इस तेजी से वृद्धि के कारण निर्माताओं को उपभोक्ता उपकरणों की कीमतें बढ़ानी पड़ रही है। आने वाली तिमाही में स्थिति और गंभीर होने की संभावना है, जहां मेमोरी चिप्स की कीमतें अतिरिक्त 5-10 प्रतिशत तक बढ़ सकती हैं।

स्मार्टफोन, लैपटॉप और अन्य डिजिटल उपकरणों पर निर्भर बाजार में यह प्रवृत्ति उपभोक्ताओं और निर्माताओं दोनों के लिए चिंता का विषय बनी हुई है। सेमीकंडक्टर की वैश्विक कमी और बढ़ती मांग मेमोरी चिप्स की कीमतों में इस उछाल के मुख्य कारण माने जा रहे हैं।

इंडस्ट्री विश्लेषकों का मानना है कि जब तक चिप निर्माण की क्षमता पूरी तरह बहाल नहीं हो जाती, तब तक इस प्रवृत्ति के जारी रहने की संभावना है। इससे प्रौद्योगिकी क्षेत्र में कीमतों और प्रतिस्पर्धा पर दबाव बढ़ने की आशंका है।