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आत्महत्या की रोकथाम के लिए सामाजिक जागरूकता जरूरी: अधिकारी
जिला मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम निदेशक ने कहा कि आत्महत्या केवल व्यक्तिगत समस्या नहीं है, बल्कि यह परिवार और समाज के लिए गंभीर परिणाम लाने वाली सार्वजनिक स्वास्थ्य समस्या है।
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मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने आत्महत्या की रोकथाम में सामाजिक जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया है। जिला मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम की निदेशक गीता कंबले ने इस मुद्दे को केवल व्यक्तिगत समस्या के रूप में देखने से इंकार किया है और इसे सार्वजनिक स्वास्थ्य चिंता की श्रेणी में रखा है।
कंबले के अनुसार, आत्महत्या के कारण परिवार और समाज पर दूरगामी प्रभाव पड़ता है। इसके सामाजिक आयामों को समझना और उन पर कार्य करना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि इस समस्या से निपटने के लिए समग्र दृष्टिकोण अपनाया जाना चाहिए, जिसमें सामाजिक कलंक को दूर करना और मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच बढ़ाना शामिल है।
विशेषज्ञ मानते हैं कि समुदाय स्तर पर जागरूकता कार्यक्रम आत्महत्या की रोकथाम में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। ये कार्यक्रम लोगों को संकटग्रस्त व्यक्तियों की पहचान करने और उन्हें सहायता प्रदान करने में मदद कर सकते हैं।
मानसिक स्वास्थ्य पेशेवारों का मानना है कि आत्महत्या की रोकथाम के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा और सामाजिक कल्याण विभागों के बीच समन्वित प्रयास आवश्यक हैं। इसके साथ ही, परिवार और समुदाय को भी इस गंभीर सार्वजनिक स्वास्थ्य समस्या में सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए।