Technology · India Bureau
मेटा पर बाल यौन शोषण की कृत्रिम सामग्री के सैकड़ों विज्ञापन चलाने का आरोप
एनजीओ की रिपोर्ट के अनुसार, मेटा ने बाल यौन दुर्व्यवहार को दर्शाने वाले सैकड़ों विज्ञापन प्रकाशित किए, जो कृत्रिम बुद्धिमत्ता के जरिए बनाए गए थे। ये विज्ञापन कुल 29,000 से अधिक लोगों तक पहुंचे हैं।
LSN India ·

गैर-सरकारी संगठनों की जांच में खुलासा हुआ है कि मेटा के विज्ञापन प्लेटफॉर्म पर बाल यौन शोषण की कृत्रिम सामग्री से संबंधित सैकड़ों विज्ञापन प्रकाशित हुए। इन विज्ञापनों में कृत्रिम बुद्धिमत्ता तकनीक का उपयोग करके नाबालिगों के साथ होने वाले दुर्व्यवहार को चित्रित किया गया था।
रिपोर्ट के अनुसार, ये विज्ञापन लगभग 29,000 उपयोगकर्ताओं तक पहुंचे हैं। इस प्रकार की सामग्री का प्रसार विभिन्न देशों में गैरकानूनी है और बाल सुरक्षा संबंधी गंभीर चिंताएं उठाता है।
मेटा पर लगाए गए आरोपों को लेकर यह मामला विश्वव्यापी तकनीकी कंपनियों की निगरानी और नियंत्रण की क्षमता पर सवाल खड़े करता है। कंपनियों के विज्ञापन प्लेटफॉर्मों पर ऐसी हानिकारक सामग्री को रोकने के लिए प्रभावी तंत्र की आवश्यकता पर विशेषज्ञ जोर दे रहे हैं।
यह घटना डिजिटल प्लेटफॉर्मों पर बाल सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सख्त नीतियों और तकनीकी समाधानों की तत्काल आवश्यकता को रेखांकित करती है।