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मेटा के AI विभाग पर कर संबंधी विवाद, 4 अरब डॉलर का निवेश
मेटा प्लेटफॉर्म्स अपने AI अनुसंधान विभाग के वित्तीय संरचना को लेकर विवादास्पद निर्णय ले रहा है। इस कदम से कर नीति और तकनीकी क्षेत्र में बड़ी कंपनियों की जवाबदेही को लेकर नई बहस छिड़ गई है।
LSN India ·
मेटा प्लेटफॉर्म्स ने अपनी कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) अनुसंधान प्रयोगशाला के संरचनात्मक आयोजन को लेकर महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं जो इसके कर दायित्व को कम करने में मदद दे सकते हैं। इन निर्णयों में लगभग 4 अरब डॉलर का निवेश शामिल है।
कंपनी के इस कदम ने विशेषज्ञों के बीच वैधता संबंधी सवाल उठा दिए हैं। आलोचकों का मानना है कि ऐसी रणनीतियों से बड़ी तकनीकी कंपनियां अपनी कर देयताओं को कम कर रही हैं, जबकि छोटे उद्यम पूरी कर राशि देते हैं।
AI उद्योग के तेजी से विस्तार के बीच इस तरह की रणनीतियों ने सरकारों और नीति निर्माताओं को कराधान के नियमों को बेहतर बनाने के लिए दबाव में डाल दिया है। भारत सहित कई देशों में ऐसी प्रथाओं पर अधिक कड़ी निगरानी की मांग उठ रही है।
मेटा ने इन आरोपों पर अभी तक कोई आधिकारिक टिप्पणी जारी नहीं की है। माना जाता है कि कंपनी अपने निवेश निर्णयों को पूर्ण रूप से कानूनी मानती है।