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मिशिगन के खेत में मिला 10 किलो का पत्थर, असल में उल्कापिंड निकला
एक मिशिगन के किसान ने 1939 में अपने खेत से एक पत्थर निकाला और इसे दरवाजे के नीचे दबाने के लिए इस्तेमाल करते रहे। 79 साल बाद वैज्ञानिकों ने पता लगाया कि यह दरअसल एक दुर्लभ उल्कापिंड था।
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मिशिगन के एक खेत में मिला 10.22 किलोग्राम का पत्थर वास्तव में एक महत्वपूर्ण वैज्ञानिक खोज साबित हुआ है। यह उल्कापिंड 1939 में खेत से निकाला गया था, लेकिन उसके मालिकों को इसकी असली पहचान का कोई अंदाजा नहीं था। दशकों तक इसे साधारण पत्थर समझकर खेत के दरवाजे को बंद रखने के लिए एक आधार के रूप में इस्तेमाल किया जाता रहा।
2018 में जब इलाके में एक अन्य उल्कापिंड गिरा, तो इस पत्थर के वर्तमान मालिकों की रुचि इसकी जांच करवाने में बढ़ी। सेंट्रल मिशिगन विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों ने इस नमूने का विस्तृत विश्लेषण किया। विश्लेषण में पता चला कि यह पत्थर वास्तव में IIIAB वर्ग का एक नया लोहे का उल्कापिंड था।
IIIAB श्रेणी के उल्कापिंड विज्ञान में काफी महत्वपूर्ण माने जाते हैं क्योंकि ये प्रारंभिक सौर मंडल के निर्माण और विकास संबंधी जानकारी प्रदान करते हैं। इस खोज ने यह दिखाया कि निजी संग्रह और नमूने वैज्ञानिक ज्ञान की प्रगति में कितनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। विश्वविद्यालय की टीम ने इस उल्कापिंड का विस्तार से दस्तावेजीकरण किया है, जो भविष्य के अनुसंधान के लिए मूल्यवान डेटा प्रदान करेगा।