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सूक्ष्मवित्त व्यावसायिक ऋण है, व्यक्तिगत कर्ज नहीं: बंधन बैंक

बंधन ग्रुप के संस्थापक चंद्र शेखर घोष का मानना है कि सूक्ष्मवित्त का मतलब छोटे उद्यमियों को व्यावसायिक साधन मुहैया कराना है। घोष संबंध-आधारित उधार और डिजिटल तकनीक के माध्यम से इस क्षेत्र का विस्तार कर रहे हैं।

LSN India · 9 October 2026

सूक्ष्मवित्त व्यावसायिक ऋण है, व्यक्तिगत कर्ज नहीं: बंधन बैंक

बंधन बैंक के अध्यक्ष चंद्र शेखर घोष ने सूक्ष्मवित्त क्षेत्र की परिभाषा को लेकर स्पष्ट किया है। उनके अनुसार, सूक्ष्मवित्त मुख्य रूप से छोटे व्यावसायिक क्षेत्र के विकास का एक माध्यम है, न कि निजी ऋण प्रदान करने की योजना। यह दृष्टिकोण ग्रामीण और शहरी अर्थव्यवस्था में छोटे उद्यमियों के लिए पूंजी पहुंचाने पर केंद्रित है।

घोष ने बताया कि बंधन ग्रुप महिला उद्यमियों को विशेष महत्व देता है और उन्हें आजीविका के अवसर प्रदान करने के लिए काम कर रहा है। संबंध-आधारित उधार मॉडल के जरिए बैंक अपने ग्राहकों को बेहतर जानता है और उनके व्यावसायिक आवश्यकताओं को समझता है। इससे ऋण की प्रभावशीलता बढ़ती है और चूक की दर में कमी आती है।

बंधन बैंक अपने कारोबार को डिजिटल तकनीक और बीमा सेवाओं के क्षेत्र में विस्तारित कर रहा है। डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से ग्राहकों तक पहुंचना और सेवा प्रदान करना संस्था की रणनीति का मुख्य हिस्सा है। इसके अलावा, बीमा क्षेत्र में प्रवेश से सूक्ष्मवित्त ग्राहकों को जोखिम से सुरक्षा मिल सकेगी।

घोष का मानना है कि सूक्ष्मवित्त क्षेत्र में आने वाले समय में सकारात्मक बदलाव होंगे। तकनीकी प्रगति और महिला सशक्तिकरण के जरिए भारत की अर्थव्यवस्था को मजबूत किया जा सकता है। बंधन ग्रुप इसी लक्ष्य को हासिल करने के लिए प्रतिबद्ध है।