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सूक्ष्मवित्त ऋण राशि में तेजी, दूसरी तिमाही में 17.5 प्रतिशत की वृद्धि
भारतीय सूक्ष्मवित्त क्षेत्र में उधारकर्ता अधिक बड़े ऋण ले रहे हैं। Q2 FY27 में औसत ऋण राशि 17.5 प्रतिशत बढ़कर 63,100 रुपये तक पहुंची है।
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भारतीय सूक्ष्मवित्त उद्योग में उधारकर्ताओं द्वारा लिए जाने वाले ऋण की औसत राशि में उल्लेखनीय वृद्धि देखी जा रही है। चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में औसत ऋण टिकट आकार 17.5 प्रतिशत की दर से बढ़ा है, जिसके कारण यह राशि 63,100 रुपये पर पहुंच गई है। यह आंकड़ा सूक्ष्मवित्त क्षेत्र में बढ़ती पूंजीकरण क्षमता और उधारकर्ताओं की आर्थिक स्थिति में सुधार का संकेत देता है।
इसी अवधि में सूक्ष्मवित्त संस्थाओं द्वारा ऋण वितरण में 5.1 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। हालांकि, उद्योग के समग्र ऋण पोर्टफोलियो में संकुचन की प्रवृत्ति जारी है, जो बाजार में विभिन्न चुनौतियों का संकेत देता है। विश्लेषकों का मानना है कि बड़ी ऋण राशि की ओर यह रुझान ग्रामीण और अर्धशहरी क्षेत्रों में उद्यमशीलता की बढ़ती प्रवृत्ति को दर्शाता है।
सूक्ष्मवित्त संस्थाएं छोटे व्यावसायिक उद्यमों और स्वरोजगार के लिए पूंजी प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। ऋण टिकट आकार में यह बढ़ोतरी संकेत करती है कि उधारकर्ता पहले से अधिक व्यावहारिक और विस्तृत स्तर के प्रकल्पों में निवेश कर रहे हैं। इस विकास को सकारात्मक संकेत माना जा रहा है, हालांकि पोर्टफोलियो संकुचन के मुद्दे पर भी नजर रखना आवश्यक है।