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ईरान संकट से एशिया को अमेरिकी तेल भेजने की लागत रिकॉर्ड स्तर पर
खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते तनाव के कारण तेल की ढुलाई खर्च में उछाल आया है। अमेरिकी तेल आपूर्ति में आए अंतराल को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
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ईरान के साथ बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बीच अमेरिकी खाड़ी तट से एशिया तक तेल पहुंचाने की लागत सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गई है। शिपिंग रूटों में अनिश्चितता और सुरक्षा चिंताओं के कारण परिवहन खर्च में तेजी से वृद्धि हुई है, जिसका असर वैश्विक तेल बाजार पर पड़ रहा है।
खाड़ी क्षेत्र की अस्थिरता से पारंपरिक तेल आपूर्तिकर्ताओं की आपूर्ति में बाधा आई है। इस स्थिति में अमेरिकी कच्चे तेल की मांग एशियाई बाजारों में काफी बढ़ गई है, क्योंकि यह आपूर्ति में आए अंतर को भरने में मदद कर रहा है। अमेरिका के गल्फ कोस्ट से निर्यात किए जाने वाले तेल की भारत जैसे देशों के लिए बहुत महत्ता है।
शिपिंग कंपनियों को लंबे मार्ग अपनाने के कारण ईंधन और समय दोनों में अतिरिक्त खर्च उठाने पड़ रहे हैं। बीमा प्रीमियम में भी बढ़ोतरी हुई है क्योंकि शिपिंग लेन्स को अब अधिक जोखिम भरा माना जा रहा है। यह परिस्थिति तेल आयातक देशों के लिए एक चुनौती बनी हुई है।
ऊर्जा विश्लेषकों का मानना है कि जब तक खाड़ी क्षेत्र में स्थिरता नहीं आती, परिवहन लागत में यह वृद्धि बनी रहेगी। अमेरिकी तेल की आपूर्ति निकट भविष्य में एशियाई बाजारों के लिए महत्वपूर्ण बनी रहेगी, विशेषकर जब अन्य प्रमुख आपूर्तिकर्ताओं की स्थिति अनिश्चित हो।