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जनगणना 2027: मिजोरम शरणार्थियों की अलग से गणना करेगा
मिजोरम में बांग्लादेश, म्यांमार और मणिपुर से आए 38,000 से अधिक शरणार्थी हैं, जबकि स्थानीय संगठनों के अनुसार यह संख्या 60,000 से भी अधिक है। आने वाली जनगणना में इन्हें अलग से गिना जाएगा।
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मिजोरम सरकार आगामी जनगणना 2027 में राज्य में रहने वाले शरणार्थियों की अलग से गणना करने की तैयारी कर रही है। राज्य में वर्तमान में बांग्लादेश, म्यांमार और मणिपुर से आए शरणार्थियों की संख्या 38,000 से अधिक है। यह जानकारी सरकारी रिकॉर्ड से मिली है।
हालांकि, स्थानीय मानवाधिकार संगठनों और एनजीओ का मानना है कि वास्तविक संख्या इससे काफी अधिक है। इन संगठनों के अनुसार, मिजोरम में 60,000 से अधिक शरणार्थी रह रहे हैं जिनकी सटीक गणना अभी तक नहीं की गई है। इस अंतर का कारण कई शरणार्थी दस्तावेजों के बिना रहते हैं।
जनगणना में शरणार्थियों की अलग से गणना करने का निर्णय उनकी वास्तविक संख्या और स्थिति को समझने के लिए उठाया गया है। यह कदम पूर्वोत्तर राज्य में शरणार्थी नीति और कल्याण योजनाओं को बेहतर बनाने में मदद करेगा।
मिजोरम पिछले कई दशकों से विभिन्न कारणों से आए शरणार्थियों के मुद्दे से जूझ रहा है। जनगणना के माध्यम से सटीक डेटा मिलने से राज्य और केंद्र सरकार को शरणार्थियों के पुनर्वास और एकीकरण के लिए बेहतर नीतियां बनाने में सहायता मिलेगी।