Culture & Entertainment · India Bureau
सौर ऊर्जा खेतों में भेड़ों की चराई से मधुमक्खियों में वृद्धि
नई शोध से पता चलता है कि सौर पैनलों के नीचे नियंत्रित तरीके से भेड़ों की चराई से लाभकारी कीटों की संख्या में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हो सकती है। शोधकर्ताओं ने पाया कि सही घनत्व बनाए रखने से मधुमक्खियों सहित विभिन्न प्रजातियों को लाभ मिलता है।
LSN India ·

कॉर्नेल विश्वविद्यालय के हालिया अध्ययन में यह पता चला है कि सौर पैनलों के नीचे भेड़ों को चराने देने से कीटों की विविधता बढ़ाई जा सकती है। यह शोध सौर ऊर्जा खेतों में पारिस्थितिकी को संरक्षित रखने का एक नया तरीका सुझाता है।
अध्ययन के अनुसार प्रति हेक्टेयर दो भेड़ें रखने से लाभकारी कीटों में 38 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई। इसमें मधुमक्खियों की संख्या में विशेषकर सुधार पाया गया, जो फसलों के परागण के लिए महत्वपूर्ण हैं।
हालांकि, शोधकर्ताओं ने एक महत्वपूर्ण संतुलन की ओर ध्यान दिलाया। जैसे-जैसे भेड़ों की संख्या बढ़ी, वनस्पति प्रबंधन तो बेहतर हुआ किंतु मधुमक्खियों के स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव पड़ा। इससे पता चलता है कि सौर ऊर्जा खेतों में भेड़-बकरी पालन से सर्वोत्तम परिणाम के लिए घनत्व को सावधानीपूर्वक नियंत्रित करना आवश्यक है।
यह खोज भारत जैसे देशों के लिए विशेष महत्व रखती है जहां नवीकरणीय ऊर्जा के साथ कृषि एवं पशुपालन को एकीकृत करने की संभावनाएं हैं। सौर ऊर्जा संयंत्रों के तहत पारिस्थितिकी संरक्षण से ऊर्जा उत्पादन और कृषि दोनों को बढ़ावा दिया जा सकता है।