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आधुनिक युग में हथियारों के बिना भी लड़े जाते हैं युद्ध: पीएम मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने साइबर सुरक्षा को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि बदलती साइबर धमकियों से निपटने के लिए आधुनिक बुनियादी ढांचे, मजबूत कंप्यूटिंग प्रणालियों और कुशल कार्यबल की आवश्यकता है।
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राष्ट्रीय सुरक्षा के संदर्भ में प्रधानमंत्री मोदी ने एक महत्वपूर्ण संदेश दिया है कि आज के समय में युद्ध केवल पारंपरिक हथियारों तक सीमित नहीं रह गए हैं। साइबर स्पेस अब एक नई रणनीतिक चुनौती बन गया है जिसका सामना हर राष्ट्र को करना पड़ रहा है।
पीएम के अनुसार, साइबर खतरों की बढ़ती तादाद और उनके विकसित होते स्वरूप से निपटने के लिए देश को अपनी तकनीकी क्षमता को मजबूत करना होगा। इसके लिए न केवल उच्च स्तरीय कंप्यूटिंग अवसंरचना आवश्यक है, बल्कि इस क्षेत्र में माहिर पेशेवरों की एक बड़ी टीम का गठन भी जरूरी है।
साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों की कमी भारत के सामने एक प्रमुख चुनौती है। देश को न केवल वर्तमान में बल्कि भविष्य में भी इस क्षेत्र में आत्मनिर्भर रहना होगा। इसके लिए शिक्षा संस्थानों में साइबर सुरक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रमों को बढ़ावा दिया जा रहा है।
सरकार का मानना है कि साइबर धमकियों से बचाव के लिए एक समग्र रणनीति अपनाने की आवश्यकता है जिसमें तकनीकी उन्नति, नीतिगत सुधार और मानव संसाधन विकास शामिल हो। देश की डिजिटल सुरक्षा सुनिश्चित करना अब राष्ट्रीय प्राथमिकता बन गई है।