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ग्लोबल साउथ को नियम निर्माता बनाने की जरूरत: मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ब्रिक्स 2026 के अपने संबोधन में विकासशील देशों को सशक्त बनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि ग्लोबल साउथ को नियमों का पालन करने वाली जगह से निकलकर नियम निर्माता बनना होगा।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ब्रिक्स समूह के संदर्भ में विश्व की उभरती अर्थव्यवस्थाओं को मजबूत करने का आह्वान किया है। मोदी के अनुसार, ग्लोबल साउथ के रूप में जानी जाने वाली ये अर्थव्यवस्थाएं अब तक अंतरराष्ट्रीय नियमों का पालन करने वाली भूमिका में रही हैं।
पीएम ने जोर देते हुए कहा कि इन देशों को इस परिस्थिति से बाहर आना होगा और वैश्विक नीति निर्माण में सक्रिय भूमिका निभानी होगी। उनके विचार से ग्लोबल साउथ को नियमों का निर्माता बनना आवश्यक है, न कि केवल उसका पालक।
यह दृष्टिकोण विकासशील राष्ट्रों की बढ़ती मांग को दर्शाता है कि अंतरराष्ट्रीय प्रणालियों में उनकी आवाज अधिक प्रभावशाली हो। ब्रिक्स जैसे मंचों के माध्यम से इन देशों की सामूहिक शक्ति को एकत्रित करने का प्रयास किया जा रहा है।
मोदी की इस अपील से यह संदेश दिया जाता है कि 2026 में ब्रिक्स की अध्यक्षता के दौरान भारत उभरती अर्थव्यवस्थाओं के हितों को प्राथमिकता देगा और उन्हें वैश्विक मंच पर अधिक प्रभावशाली बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।